Prayagraj:पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पत्नी को हाईकोर्ट से राहत, सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर

प्रयागराज। पति को आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में आरोपित पत्नी स्मृति सोनी देवी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिली है। हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। अदालत ने मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए पूर्व के फैसलों का भी उल्लेख किया और कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप को साबित करने के लिए केवल सामान्य आरोप पर्याप्त नहीं हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का अपराध साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष के पास ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य होना जरूरी है। महज परिस्थितियों या आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को इस अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता।
अदालत ने मामले के तथ्यों और उपलब्ध सामग्री पर विचार करने के बाद आरोपी पत्नी को कुछ शर्तों के अधीन अग्रिम जमानत देने का निर्णय लिया। अग्रिम जमानत मिलने के बाद गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें निर्धारित शर्तों के अनुसार राहत मिल सकेगी।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी रेखांकित किया कि आत्महत्या के लिए उकसाने के मामलों में आरोपी की भूमिका और उसके कथित कृत्यों का स्पष्ट रूप से स्थापित होना आवश्यक है। इसके लिए अभियोजन को ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे, जिनसे आत्महत्या के लिए उकसाने की प्रत्यक्ष या स्पष्ट भूमिका सामने आती हो।



