Opendoor ने भारत में समेटा कारोबार, 250 कर्मचारियों पर संकट?

नई दिल्ली/वाशिंगटन। अमेरिका की रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी ओपनडोर (Opendoor) ने भारत में अपने परिचालन को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी के इस निर्णय से भारत में काम कर रहे करीब 250 कर्मचारियों के प्रभावित होने की संभावना है।
कंपनी ने बताया कि भारत में संचालित गतिविधियों को बंद करने का फैसला रणनीतिक बदलाव के तहत लिया गया है। ओपनडोर का मानना है कि उसके परिचालन से जुड़े कार्यों को अमेरिकी बाजार के अधिक करीब रहकर संचालित करना ज्यादा प्रभावी रहेगा। इसी वजह से कंपनी ने भारत स्थित अपनी टीम को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
ओपनडोर रियल एस्टेट क्षेत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जानी जाती है। कंपनी तकनीक की मदद से ग्राहकों को संपत्ति से जुड़े निर्णय लेने में सहायता प्रदान करती है।
भारत में कंपनी की मौजूदगी मुख्य रूप से तकनीकी, सपोर्ट और ऑपरेशनल कार्यों से जुड़ी थी। पिछले कुछ वर्षों में भारत कई वैश्विक कंपनियों के लिए तकनीकी और बैक-ऑफिस हब के रूप में उभरा है, लेकिन अब कुछ कंपनियां अपनी वैश्विक रणनीति के अनुसार टीमों का पुनर्गठन कर रही हैं।
कंपनी सूत्रों के अनुसार, भारत में काम बंद करने का फैसला कर्मचारियों के प्रदर्शन या क्षमता से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह व्यवसायिक ढांचे में बदलाव का हिस्सा है। कंपनी प्रभावित कर्मचारियों के लिए आवश्यक सहायता और ट्रांजिशन प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
ओपनडोर ने हाल के समय में अपने खर्चों को नियंत्रित करने और संचालन को अधिक कुशल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। ऐसे में भारत से बाहर निकलने का फैसला कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों द्वारा भारत में बड़े पैमाने पर निवेश के बावजूद कुछ कंपनियां अपने संचालन को स्थानीय बाजारों के अनुसार दोबारा व्यवस्थित कर रही हैं। ओपनडोर का यह कदम इसी बदलाव को दर्शाता है।
हालांकि, भारतीय कर्मचारियों के लिए यह फैसला चिंता का विषय है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में पेशेवरों के रोजगार पर असर पड़ेगा। कंपनी के इस निर्णय के बाद प्रभावित कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।



