
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज एक विशेष दौरे पर गाजियाबाद पहुंचे, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक बंद कमरे में मैराथन बैठक की। ‘हिंडन एयरफोर्स स्टेशन’ पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सीधे कविनगर स्थित संघ के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे, जहाँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समन्वय और आगामी सांगठनिक रूपरेखा पर चर्चा हुई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना और हालिया कूटनीतिक व आर्थिक उपलब्धियों को जमीनी स्तर तक पहुँचाना माना जा रहा है। गाजियाबाद की सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच योगी की इस ‘एंट्री’ ने स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इसे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए ‘शंखनाद’ के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान जिले के विकास कार्यों की समीक्षा भी की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।संघ के पदाधिकारियों के साथ हुई इस उच्चस्तरीय चर्चा में सामाजिक समरसता और ‘राष्ट्र प्रथम’ के एजेंडे को धार देने पर विशेष जोर दिया गया।
योगी आदित्यनाथ ने संघ के स्वयंसेवकों को सरकार द्वारा सिंगापुर और जापान से लाए गए ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों और इसके जरिए होने वाले रोजगार सृजन के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘लव जिहाद’ और ‘धर्मांतरण’ जैसे मुद्दों पर भी फीडबैक लिया गया, ताकि शासन स्तर पर कठोर कदम उठाए जा सकें। मुख्यमंत्री ने संघ के फीडबैक के आधार पर प्रशासन को निर्देश दिए कि होली और अन्य आगामी त्यौहारों के दौरान गाजियाबाद की कानून-व्यवस्था में कोई भी अराजक तत्व खलल न डाल पाए। इस संवाद का मुख्य केंद्र बिंदु ‘अंत्योदय’ की भावना को साकार करना रहा, जहाँ सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचाने की रणनीति तैयार की गई।शाम को संपन्न हुई इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और उन्हें जनता के बीच सक्रिय रहने का मूल मंत्र दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजियाबाद जैसे औद्योगिक हब को ‘ग्लोबल हब’ बनाने के लिए बुनियादी ढांचे और सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता है।
योगी जी की इस गाजियाबाद यात्रा को केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि एक ‘वैचारिक रिचार्ज’ के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का संचार हुआ है। मुख्यमंत्री ने जाते-जाते यह संदेश भी दिया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अटल है और गाजियाबाद की धरती पर किसी भी हुड़दंगी की खैर नहीं होगी। इस दौरे ने यह साफ कर दिया है कि योगी सरकार अब विकास और सांस्कृतिक चेतना के मिश्रण के साथ उत्तर प्रदेश के भविष्य की एक नई इबारत लिखने की तैयारी में है।



