महंगाई का डबल अटैक: फिर महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

नई दिल्ली। देशभर में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें आज सुबह से लागू हो गई हैं, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल दोनों लगभग 90 पैसे प्रति लीटर महंगे हो गए हैं।
यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की थी। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। खासकर मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें लागू होने के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं। कई राज्यों में टैक्स के कारण कीमतें और अधिक बढ़ गई हैं। परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में फल-सब्जियों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, युद्ध और आपूर्ति संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। सरकार के अनुसार भारत भी इन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से अछूता नहीं है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। कई नेताओं ने केंद्र सरकार से टैक्स कम करने और राहत देने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से महंगाई और तेज हो सकती है, जिसका असर आम उपभोक्ता तक पहुंचेगा।
इस बीच कई राज्यों में लोग सोशल मीडिया पर भी बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों के साथ अब सफर करना भी महंगा होता जा रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर ईंधन कीमतों में और बदलाव संभव माना जा रहा है।



