देशभर में Medical Store बंद, Online दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल

नई दिल्ली। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखे गए हैं। All India Organisation of Chemists and Druggists द्वारा बुलाई गई इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर कई राज्यों में देखने को मिला। दवा दुकानों के बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा कंपनियां बिना पर्याप्त नियमों और निगरानी के कारोबार कर रही हैं, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के भी दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
देश के कई बड़े शहरों में दवा बाजार पूरी तरह बंद रहे। अस्पतालों के आसपास मौजूद कुछ मेडिकल स्टोर जरूर खुले दिखाई दिए, लेकिन सामान्य बाजारों में अधिकतर दुकानें बंद रहीं। इससे रोजाना दवाओं पर निर्भर रहने वाले मरीजों को काफी कठिनाई हुई। खासकर बुजुर्ग, डायबिटीज और हृदय रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को जल्द सख्त नियम बनाकर ई-फार्मेसी कंपनियों पर नियंत्रण करना चाहिए। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट नीति के ऑनलाइन दवा कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लाखों छोटे व्यापारियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
दूसरी ओर कुछ उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि ऑनलाइन दवा सेवाएं लोगों को घर बैठे सुविधा देती हैं और प्रतिस्पर्धा के कारण दवाएं सस्ती भी मिलती हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में मजबूत रेगुलेशन जरूरी है।
सरकार की ओर से अभी तक इस हड़ताल पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। देशभर में हुई इस हड़ताल ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दवा कारोबार के बीच बढ़ते टकराव को एक बार फिर सामने ला दिया है।



