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भारत की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव! SIPRI रिपोर्ट में पहली बार 12 परमाणु हथियार तैनात होने का दावा

नई दिल्ली। भारत की परमाणु हथियार नीति को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दुनिया की प्रमुख हथियार निगरानी संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पहली बार अपने परमाणु शस्त्रागार में मौजूद 12 परमाणु वॉरहेड तैनात किए हैं। इसे देश की लंबे समय से चली आ रही परमाणु नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

SIPRI की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब तक अपनी परमाणु क्षमता को एक अलग रणनीतिक मॉडल के तहत संचालित करता रहा है। इसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने वाले साधनों (डिलीवरी सिस्टम) को अलग-अलग स्थानों पर रखा जाता था। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखना था।

रिपोर्ट के अनुसार, परमाणु हथियारों की तैनाती से भारत की रणनीतिक तैयारी में बदलाव का संकेत मिलता है। हालांकि, भारत की आधिकारिक परमाणु नीति लंबे समय से “नो फर्स्ट यूज” (पहले परमाणु हमला नहीं करने) के सिद्धांत पर आधारित रही है। भारत ने हमेशा कहा है कि वह परमाणु हथियारों का उपयोग केवल जवाबी कार्रवाई के तौर पर करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक सुरक्षा माहौल, क्षेत्रीय तनाव और बदलती सामरिक परिस्थितियों के बीच कई देश अपनी परमाणु क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहे हैं। भारत के पड़ोसी देशों की परमाणु तैयारियों को देखते हुए नई रणनीतिक व्यवस्थाएं अपनाई जा सकती हैं।

SIPRI की रिपोर्ट दुनिया भर में परमाणु हथियारों, सैन्य खर्च और सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वाली प्रमुख रिपोर्टों में शामिल है। इसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल जैसे परमाणु क्षमता वाले देशों का विश्लेषण किया जाता है।

भारत के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन रिपोर्ट में सामने आई जानकारी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु हथियारों की तैनाती केवल सैन्य क्षमता का विषय नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश का भी हिस्सा होती है। आने वाले समय में भारत की परमाणु नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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