
नई दिल्ली। बढ़ते प्रदूषण, ईंधन बचत और प्रशासनिक सादगी को लेकर Rekha Gupta ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद हाई लेवल बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तय किया कि अब दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके साथ ही निजी कंपनियों से भी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की सुविधा देने की अपील की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से ट्रैफिक दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में खराब वायु गुणवत्ता और बढ़ती धूलभरी आंधियों को देखते हुए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सादगी और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। इसी क्रम में उन्होंने अपने सरकारी काफिले में 60 प्रतिशत तक कटौती करने का निर्णय लिया है। अब मुख्यमंत्री के काफिले में केवल चार गाड़ियां रहेंगी, जिनमें से दो इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शामिल हैं।
Government of Delhi के अधिकारियों के अनुसार यह फैसला केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि व्यवहारिक बदलाव की दिशा में कदम है। सरकार चाहती है कि आम जनता भी ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में कहा कि सरकार को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से सरकारी संसाधनों के सीमित और जिम्मेदार उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में अन्य विभागों के वाहन उपयोग और ईंधन खपत की भी समीक्षा की जा सकती है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यालयों में डिजिटल कार्य प्रणाली मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले की चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और सादगी की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है, जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां भी जरूरी होंगी।



