प्रयागराज: नगर निगम का बड़ा फैसला: 10 STP पर ₹26 करोड़ का संपत्ति कर नोटिस

प्रयागराज, 3 अगस्त। प्रयागराज नगर निगम ने शहर के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर लगभग 26 करोड़ रुपये का संपत्ति कर (Property Tax) नोटिस जारी किया है। यह पहला अवसर है जब शहर के एसटीपी को संपत्ति कर के दायरे में लाया गया है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश जल निगम में हलचल तेज हो गई है और मामले में राज्य सरकार से मार्गदर्शन लेने पर विचार किया जा रहा है।
नगर निगम का कहना है कि संपत्ति कर के नियमों के तहत संबंधित परिसंपत्तियां कर के दायरे में आती हैं। इसी आधार पर सभी 10 एसटीपी के लिए कर निर्धारण कर नोटिस जारी किया गया है। यदि यह कर वसूला जाता है, तो नगर निगम के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
वहीं, जल निगम के अधिकारियों का मानना है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सार्वजनिक उपयोग की बुनियादी सुविधाएं हैं, इसलिए उन पर संपत्ति कर लगाने के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा आवश्यक है। इसी कारण विभाग राज्य सरकार से इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश लेने की तैयारी कर रहा है।
इस फैसले का असर केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं रह सकता। यदि राज्य सरकार नगर निगम के निर्णय को मंजूरी देती है, तो भविष्य में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में संचालित एसटीपी और इसी प्रकार की सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं पर भी संपत्ति कर लागू करने का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस विवाद पर क्या निर्णय लेती है और जल निगम को कर का भुगतान करना होगा या नहीं।



