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तूफान-तूफान का खतरा: 21 लोगों की मौत, कई इलाके टूटे

प्रयागराज। बुधवार को आए भीषण तूफान-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं, बारिश और पेड़-दीवार की घटनाओं में मृतकों की संख्या 21 हो गई है। पूर्वोत्तर में कई जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गए और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

प्रशासन द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान हंडिया तहसील में हुआ, जहां 7 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा सोरांव में 5, फूलपुर में 4 और मेजा में 4 लोगों की जान गई है।

सबसे दुखद हादसा फूलपुर क्षेत्र के जोगिया शेखपुर गांव में हुआ, जहां तेज तूफान के दौरान एक दीवार गिर गई। हादसे में एक महिला और उसके 6 साल के बेटे की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

तूफ़ान के कारण कई स्थानों पर इमारतें टूट गईं, बिजली के खंभे टूट गए और कच्चे मकानों को भारी क्षति हुई। ग्रामीण क्षेत्र में समुद्र तट पर भी बड़ी क्षति की खबर है। प्रशासन और राहत रिकॉर्ड लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बाधाओं का सामना कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। अधिकारियों को आपातकालीन राहत कार्य तेज़ करने और अपराधियों के प्राकृतिक उपचार के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कई महासागरों में बिजली व्यवस्था बहाल करने और सड़क मार्ग साफ करने का काम स्तर युद्ध जारी है। मौसम विभाग ने कुछ घंटों तक रहने की सलाह दी है, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश की संभावना अभी बनी हुई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान दरारें, ढहती दीवारें और मकानों के पास के मकानों को आश्रय दिया जाए। साथ ही जरूरत है घर से बाहर निकलने की।

इस प्राकृतिक आपदा ने समुद्र तट और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। अब राहत और राहत कार्य प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

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