लालकिला धमाके और विस्फोटक बरामदगी की जांच के तार लखनऊ से जुड़े

लखनऊ। में सुरक्षा एजेंसियां उस समय सतर्क हो गईं, जब Red Fort Metro Station के पास हुए धमाके और फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक बरामद होने के मामले की जांच धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई। जांच एजेंसियों को अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन, डिजिटल संपर्कों और संदिग्ध व्यक्तियों के बीच संभावित कनेक्शन मिलने के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला केवल विस्फोटक बरामदगी और धमाके तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई संदिग्ध डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल संपर्क सामने आने लगे। जांच एजेंसियों ने कुछ संदिग्ध नंबरों और ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक किया, जिनके तार लखनऊ से जुड़े पाए गए।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह कोई बड़ा संगठित नेटवर्क था या फिर अलग-अलग लोगों के जरिए विस्फोटक सामग्री की सप्लाई और फंडिंग की जा रही थी। जांच में आर्थिक नेटवर्क और संदिग्ध बैंक लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध खातों और डिजिटल वॉलेट्स की गतिविधियां एजेंसियों के रडार पर हैं। फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की थी। इसके बाद Delhi में हुए धमाके को भी इसी नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक किसी बड़े आतंकी संगठन का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया चैट और डिजिटल कम्युनिकेशन की गहन जांच कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है और कई स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक अपराध और साजिशों में डिजिटल नेटवर्क और आर्थिक चैनलों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे मामलों में केवल घटनास्थल की जांच ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन गतिविधियों और फंडिंग नेटवर्क की पड़ताल भी बेहद अहम हो जाती है। घटना के बाद लखनऊ समेत कई संवेदनशील शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।



