पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, 10 दिनों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम

नई दिल्ली। देशभर में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 87 पैसे से लेकर 91 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बीते 10 दिनों में ईंधन लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण घरेलू बाजार में भी दरें बढ़ानी पड़ रही हैं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई संबंधी चिंताओं के चलते क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं। ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का असर अब परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल महंगे होने से माल ढुलाई लागत बढ़ेगी, जिसका असर सब्जियों, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है। इससे महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विपक्षी दलों ने बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ती ईंधन दरों से आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण यह स्थिति बनी है और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतें तय करती हैं।
आम लोगों में लगातार बढ़ रही कीमतों को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। वाहन चालकों और व्यापारियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है।



