चक्रवात ‘रेमल’ का खतरा बढ़ा, बंगाल-ओडिशा तट पर हाई अलर्ट

नई दिल्ली। IMD ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे गहरे दबाव के क्षेत्र को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम तेजी से मजबूत होकर चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटीय इलाकों में 24 और 25 मई को भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान के दौरान 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने तटीय जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। India Meteorological Department ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के कारण बिजली आपूर्ति, सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकारों ने संभावित आपदा को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। स्कूलों को बंद करने और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में समुद्री तापमान बढ़ने के कारण चक्रवात तेजी से ताकत पकड़ रहे हैं। ‘रेमल’ को लेकर अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।



