फर्जी LLB मार्कशीट से वकालत का आरोप, प्रयागराज में 39 वकीलों पर FIR

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर वकालत करने के आरोपों ने कानूनी महकमे में हलचल बढ़ा दी है। कथित फर्जी LLB मार्कशीट और डिग्री के आधार पर बार में नामांकन कराने तथा Certificate of Practice (COP) हासिल करने के आरोप में कार्रवाई तेज कर दी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 105 अधिवक्ता जांच के दायरे में हैं, जबकि 39 के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है।
मामला सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों और शैक्षणिक योग्यताओं के सत्यापन की प्रक्रिया तेज की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किस तरह बार में नामांकन और वकालत की अनुमति हासिल करने के लिए किया गया।
इस कार्रवाई को वकालत के पेशे में फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के इस्तेमाल पर बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों की जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
फर्जी डिग्री के जरिए वकालत करने का आरोप केवल संबंधित अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कानूनी व्यवस्था की विश्वसनीयता और योग्य अधिवक्ताओं की पहचान पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल 105 अधिवक्ता जांच के घेरे में हैं और 39 मामलों में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और संबंधित संस्थाएं आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हैं।



